प्राचीन भारत का इतिहास : अभिलेखशास्त्र का परिचय (महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर)सीरीज

प्राचीन भारत का इतिहास  : अभिलेखशास्त्र का परिचय (महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर)सीरीज – प्र. 1. अभिलेखशास्त्र कहा जाता है- <a target=”_blank” href=”https://www.amazon.in/b?_encoding=UTF8&tag=historysarans-21&linkCode=ur2&linkId=54ee63ef1349e608a153f041620d2f5d&camp=3638&creative=24630&node=4149493031″>B09TP1JV6B </a> उत्तर- अभिलेख संबंधी अध्ययन को । प्र. …

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भारत में कठपुतली और मुखौटा प्रदर्शन

भारत में कठपुतली और मुखौटा प्रदर्शन   भारत में कठपुतली और मुखौटा प्रदर्शन पारंपरिक कला के रूप हैं जिनका एक लंबा और समृद्ध इतिहास है। कलात्मक अभिव्यक्ति के …

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कौटिल्य की षाड्गुण्य नीति का वर्तमान में उपयोगिता

कौटिल्य की षाड्गुण्य नीति का वर्तमान में उपयोगिता – प्रस्तावना- एतिहासिक स्रोतों से ज्ञात होता है कि आज से लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व तत्कालीन तक्षशिला विश्वविद्यालय के आचार्य …

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प्राचीन भारत में उत्पादित मोटे अनाजों (श्री अन्न) का वर्तमान में महत्व एवं उपयोगिता

प्राचीन भारत में उत्पादित मोटे अनाजों (श्री अन्न) का वर्तमान में महत्व एवं उपयोगिता सारांश – प्राचीन भारत में लगभग 5000 वर्ष पूर्व से उगाए जाने वाले मोटे …

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बौद्ध दर्शन में सचेतना एवं कल्याण का वर्तमान में प्रासंगिकता

सारांश – छठी शताब्दी ईसा पूर्व में सिद्धार्थ गौतम के रूप में भारत भूमि में जन्मे, उन्होंने अपना जीवन ऐश्वर्य में शुरू किया, लेकिन उन्होंने दुनिया में जो …

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चोल राज वंश एवं उनकी उपलब्धियां

चोल राजवंश चोलों का वर्चस्व 9वीं शताब्दी में शुरू हुआ जब उन्होंने सत्ता में आने के लिए पल्लवों पर विजय प्राप्त की। यह नियम 13वीं शताब्दी तक पाँच …

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आचार्य कौटिल्य द्वारा प्रतिपादित षाड्गुण्य नीति की वर्तमान परिपेक्ष्य में प्रासंगिकता

  आचार्य कौटिल्य द्वारा प्रतिपादित षाड्गुण्य नीति की वर्तमान परिपेक्ष्य में प्रासंगिकता प्रस्तावना- एतिहासिक स्रोतों से ज्ञात होता है कि आज से लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व तत्कालीन …

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बुंदेला विद्रोह के कारण: 1842

बुंदेला विद्रोह के कारण: 1842 प्रस्तावना – 1757 ई के प्लासी के युद्ध के पश्चात ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी सत्ता की स्थापना का आरंभ …

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मौर्य सम्राट अशोक का वर्तमान में प्रासंगिकता -एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

मौर्य सम्राट अशोक का वर्तमान में प्रासंगिकता -एक विश्लेषणात्मक अध्ययन   सारांश– मौर्य साम्राज्य की स्थापना तक्षशिला विश्वविद्यालय के राजशास्त्र के आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) की सहायता से चन्द्रगुप्त …

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प्राचीन भारत -राष्ट्रकूट राजवंश से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर सीरीज -सार -imp mcq

 1. 745 ई. की समगद प्लेट में महाराजाधिराज  कहा गया – अ विजय को ब अमोघवर्ष को स दंतिदुर्ग को द उपरोक्त में सभी . 2. एलोरा की …

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