यूरोप में पुनर्जागरण – अर्थ, कारण एवं इसकी विशेषताएं

  एतिहासिक पृष्ठभूमि- पुनर्जागरण काल (या रीनैसांस) यूरोप में 14वीं से 17वीं सदी के बीच एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, सामाजिक, और आर्थिक परिवर्तन का काल था। मध्ययुगीन अधिकारवाद और …

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फ्रांस में तृतीय गणतंत्र की स्थापना एवं उसके प्रमुख कार्य- 1871

  फ्रांस का तृतीय गणतंत्र की स्थापना एवं उसके प्रमुख कार्य प्रस्तावना – <a target=”_blank” href=”https://www.amazon.in/b?_encoding=UTF8&tag=historysarans-21&linkCode=ur2&linkId=54ee63ef1349e608a153f041620d2f5d&camp=3638&creative=24630&node=4149493031″>B09TP1JV6B </a> 1870 में राष्ट्रीय रक्षा की एक अस्थायी सरकार की स्थापना की …

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एडोल्फ़ हिटलर का परिचय

एडोल्फ हिटलर, जर्मन राजनेता और नाजी पार्टी के नेता थे, जिनका प्रभाव दुनिया इतिहास में अत्यधिक विवादास्पद रहा है। उनका प्रभाव 20वीं सदी के दौरान हुआ, और उनकी …

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मध्य प्रदेश में स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख स्रोतों का उल्लेख कीजिए ।

मध्य प्रदेश में स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख स्रोतों का उल्लेख कीजिए । प्रस्तावना – मध्य प्रदेश, जो भारत के मध्य स्थित है, ने भी अपने स्वतंत्रता संग्राम के …

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मध्यप्रदेश में बुंदेला विद्रोह का स्वरूप कैसा था ?

मध्यप्रदेश में बुंदेला विद्रोह का स्वरूप 1757 ई के प्लासी के युद्ध के पश्चात ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी सत्ता की स्थापना का आरंभ किया। …

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हड़प्पा / सिंधु सभ्यता से समबंधित अति महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर सीरीज

हड़प्पा सभ्यता कब स्थापित हुई थी? उत्तर: सन् 3300 ईसा पूर्व एवं कार्बन 14 पद्धति के अनुसार सर्वाधिक मान्य तिथि – 2300-1750 ई पू। हड़प्पा सभ्यता का सबसे …

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प्राचीन भारत का इतिहास : अभिलेखशास्त्र का परिचय (महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर)सीरीज

प्राचीन भारत का इतिहास  : अभिलेखशास्त्र का परिचय (महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर)सीरीज – प्र. 1. अभिलेखशास्त्र कहा जाता है- <a target=”_blank” href=”https://www.amazon.in/b?_encoding=UTF8&tag=historysarans-21&linkCode=ur2&linkId=54ee63ef1349e608a153f041620d2f5d&camp=3638&creative=24630&node=4149493031″>B09TP1JV6B </a> उत्तर- अभिलेख संबंधी अध्ययन को । प्र. …

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भारत में कठपुतली और मुखौटा प्रदर्शन

भारत में कठपुतली और मुखौटा प्रदर्शन   भारत में कठपुतली और मुखौटा प्रदर्शन पारंपरिक कला के रूप हैं जिनका एक लंबा और समृद्ध इतिहास है। कलात्मक अभिव्यक्ति के …

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कौटिल्य की षाड्गुण्य नीति का वर्तमान में उपयोगिता

कौटिल्य की षाड्गुण्य नीति का वर्तमान में उपयोगिता – प्रस्तावना- एतिहासिक स्रोतों से ज्ञात होता है कि आज से लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व तत्कालीन तक्षशिला विश्वविद्यालय के आचार्य …

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प्राचीन भारत में उत्पादित मोटे अनाजों (श्री अन्न) का वर्तमान में महत्व एवं उपयोगिता

प्राचीन भारत में उत्पादित मोटे अनाजों (श्री अन्न) का वर्तमान में महत्व एवं उपयोगिता सारांश – प्राचीन भारत में लगभग 5000 वर्ष पूर्व से उगाए जाने वाले मोटे …

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